US Midterm Election 2026: अमेरिका में 2026 के मिडटर्म चुनाव के नतीजे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सियासी ताकत की परीक्षा लेने वाले हैं। कई राज्यों में मतदान खत्म हो चुका है और वोटों की गिनती शुरू हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में अपना बहुमत बचा पाती है या डेमोक्रेट्स सत्ता के समीकरण बदल देते हैं।
जॉर्जिया, साउथ कैरोलाइना और वर्मोंट समेत छह राज्यों में वोटिंग खत्म होने के बाद शुरुआती नतीजे सामने आने लगे हैं। इन चुनावों में सिर्फ सांसदों का भविष्य तय नहीं होगा, बल्कि ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के बाकी दो साल का राजनीतिक रास्ता भी काफी हद तक तय हो सकता है। शुरुआती संकेतों में कुछ रिपब्लिकन सीटों पर डेमोक्रेट्स की बढ़त और जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन ओसॉफ की सीट बरकरार रहने की खबर भी चर्चा में है।
मिडटर्म चुनाव में क्या दांव पर है? अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच में होते हैं। इस बार प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 100 में से 35 सीटों पर चुनाव हो रहा है।
इसके साथ ही 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी वोटिंग हुई है। इन नतीजों से तय होगा कि अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बना रहेगा या डेमोक्रेट्स एक या दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लेंगे। प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए 218 सीटें चाहिए।
2024 के चुनाव के बाद रिपब्लिकन के पास 220 और डेमोक्रेट्स के पास 215 सीटें थीं। सीनेट में बहुमत का आंकड़ा 51 है। डेमोक्रेट्स को दोनों सदनों का नियंत्रण हासिल करने के लिए प्रतिनिधि सभा में कम से कम तीन और सीनेट में चार अतिरिक्त सीटें जीतनी होंगी।
मौजूदा मुकाबले में रिपब्लिकन सीनेट में 53-47 के अंतर से आगे बताए गए हैं। ऐसे में कुछ करीबी मुकाबले पूरे सदन का गणित बदल सकते हैं। मिडटर्म चुनाव को ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल पर जनता की राय के तौर पर देखा जा रहा है।
मतदाता अर्थव्यवस्था, बढ़ती महंगाई, इमिग्रेशन और ईरान के साथ जारी जंग को लेकर अपनी पसंद जाहिर कर रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और ट्रम्प की टैरिफ नीति भी चुनावी चर्चा के बड़े मुद्दे हैं। एनबीसी न्यूज के एग्जिट पोल के शुरुआती आंकड़ों में करीब आधे मतदाताओं ने चुनाव को ट्रम्प के कामकाज पर नाराजगी जताने के मौके के तौर पर देखा।
करीब 43 फीसदी मतदाताओं ने कहा कि ट्रम्प का विरोध करना भी उनके वोट देने की एक वजह थी। यह आंकड़ा 2018 के मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान दर्ज स्तर से काफी ज्यादा बताया गया है। हालांकि, इसे पूरे देश का अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।
एग्जिट पोल मतदाताओं की शुरुआती राय दिखाते हैं, जबकि असली तस्वीर वोटों की गिनती और सीटों के नतीजों से साफ होगी। ।
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